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Sūrya-siddhānta (nirayana)
Premium sampleसन्तान / परिवार रिपोर्ट
सन्तान की सम्भावना
पञ्चम भाव मिश्र (अंक 51), SAV क्रम 7। पञ्चमेश बृहस्पति भाव 12 में, उच्च (षड्बल पर्याप्त)। गुरु भाव 12 (षड्बल पर्याप्त)। पञ्चम में ग्रह: रिक्त। यह सन्तान-समर्थन है, गिनती या लिंग नहीं।
बृहत्पाराशर होराशास्त्र · पुत्रभाव (प्रचलित recension में ~अ. १६) · पञ्चम + पञ्चमेश + गुरु — सन्तान-क्षमता, गिनती/लिंग नहीं
- फल
- पञ्चम भाव मिश्र (अंक 51), SAV क्रम 7। पञ्चमेश बृहस्पति भाव 12 में, उच्च (षड्बल पर्याप्त)। गुरु भाव 12 (षड्बल पर्याप्त)। पञ्चम में ग्रह: रिक्त। यह सन्तान-समर्थन है, गिनती या लिंग नहीं।
- पञ्चमेश
- बृहस्पति · भाव 12 · उच्च · SAV 28
- ग्रन्थ
- बृहत्पाराशर होराशास्त्र
- अध्याय
- पुत्रभाव (प्रचलित recension में ~अ. १६)
- विधि
- पञ्चम + पञ्चमेश + गुरु — सन्तान-क्षमता, गिनती/लिंग नहीं
सन्तान-स्वभाव
पञ्चमेश बृहस्पति से स्वभाव-संकेत: धार्मिक, गुरु-स्वभाव, उदार। पञ्चम के क्रूर: नहीं। योग: केमद्रुमयोगः, शुभकर्तरीयोगः, सरलयोगः, नीचभङ्गराजयोगः। यह प्रवृत्ति है, बच्चे का चित्र या लिंग नहीं।
बृहत्पाराशर होराशास्त्र · भावेशफल २४ · कारकत्व ३२ · सन्तान-स्वभाव पञ्चमेश और गुरु से — प्रवृत्ति, पहचान नहीं
- फल
- पञ्चमेश बृहस्पति से स्वभाव-संकेत: धार्मिक, गुरु-स्वभाव, उदार। पञ्चम के क्रूर: नहीं। योग: केमद्रुमयोगः, शुभकर्तरीयोगः, सरलयोगः, नीचभङ्गराजयोगः। यह प्रवृत्ति है, बच्चे का चित्र या लिंग नहीं।
- स्वभाव
- धार्मिक, गुरु-स्वभाव, उदार
- ग्रन्थ
- बृहत्पाराशर होराशास्त्र
- अध्याय
- भावेशफल २४ · कारकत्व ३२
- विधि
- सन्तान-स्वभाव पञ्चमेश और गुरु से — प्रवृत्ति, पहचान नहीं
कुटुम्ब
द्वितीय भाव निर्बल (SAV 5) कुटुम्ब और वाणी। धनेश बुध भाव 12 में, अरि। कुटुम्ब में ग्रह: शुक्र। यह घर का बन्ध है, वंश-घटना नहीं।
बृहत्पाराशर होराशास्त्र · धन/कुटुम्बभाव (प्रचलित recension में ~अ. १३) · द्वितीय कुटुम्ब और वाणी — घर का बन्ध, घटना नहीं
- फल
- द्वितीय भाव निर्बल (SAV 5) कुटुम्ब और वाणी। धनेश बुध भाव 12 में, अरि। कुटुम्ब में ग्रह: शुक्र। यह घर का बन्ध है, वंश-घटना नहीं।
- धनेश
- बुध · भाव 12
- ग्रन्थ
- बृहत्पाराशर होराशास्त्र
- अध्याय
- धन/कुटुम्बभाव (प्रचलित recension में ~अ. १३)
- विधि
- द्वितीय कुटुम्ब और वाणी — घर का बन्ध, घटना नहीं
गृह / माता
चतुर्थ भाव बलवान (SAV 5) गृह और माता। बन्धुेश मंगल भाव 11 में, अरि। चन्द्र भाव 4 (षड्बल दुर्बल) मनःसुख। यह घर का वातावरण है, सम्पत्ति-सौदा नहीं।
बृहत्पाराशर होराशास्त्र · बन्धुभाव (प्रचलित recension में ~अ. १५) · चतुर्थ गृह और माता — सुख, सम्पत्ति- सौदा नहीं
- फल
- चतुर्थ भाव बलवान (SAV 5) गृह और माता। बन्धुेश मंगल भाव 11 में, अरि। चन्द्र भाव 4 (षड्बल दुर्बल) मनःसुख। यह घर का वातावरण है, सम्पत्ति-सौदा नहीं।
- ग्रन्थ
- बृहत्पाराशर होराशास्त्र
- अध्याय
- बन्धुभाव (प्रचलित recension में ~अ. १५)
- विधि
- चतुर्थ गृह और माता — सुख, सम्पत्ति- सौदा नहीं
वर्तमान दशा
वर्तमान बुध–बुध सन्तान/कुटुम्ब-भावों 2 को छूती है — दुर्बल। बुध अन्तर्दशा बुध महादशा (बुद्धि/वाणी-क्षेत्र) में वाणी, विद्या, व्यापार, बुद्धि क्षेत्र जगाती है। बुध अरि राशि में है — फल रुकते या संघर्ष से आते हैं। दुःस्थान (६/८/१२) स्थिति रोग, विघ्न या व्यय बढ़ाती है। अस्त होने से दशा-स्वामी और दुर्बल। बुध धन (2), लाभ (11) का स्वामी है — उन्हीं भावों का फल पकता है। सक्रिय भाव धन (2), लाभ (11), व्यय (12), अरि (6)। स्व अन्तर्दशा — महादशा-स्वामी का अपना फल तीव्र होता है। इस अवधि में वाणी-भ्रम, व्यापारी हानि, चिन्ता। भार: धन, व्यय, अरि।
बृहत्पाराशर होराशास्त्र · भावेश-दशा · गुरु/चन्द्र दशा · पञ्चमेश, गुरु या चन्द्र की अवधि सन्तान/घर जगाती है — जन्म-तिथि नहीं
- फल
- वर्तमान बुध–बुध सन्तान/कुटुम्ब-भावों 2 को छूती है — दुर्बल। बुध अन्तर्दशा बुध महादशा (बुद्धि/वाणी-क्षेत्र) में वाणी, विद्या, व्यापार, बुद्धि क्षेत्र जगाती है। बुध अरि राशि में है — फल रुकते या संघर्ष से आते हैं। दुःस्थान (६/८/१२) स्थिति रोग, विघ्न या व्यय बढ़ाती है। अस्त होने से दशा-स्वामी और दुर्बल। बुध धन (2), लाभ (11) का स्वामी है — उन्हीं भावों का फल पकता है। सक्रिय भाव धन (2), लाभ (11), व्यय (12), अरि (6)। स्व अन्तर्दशा — महादशा-स्वामी का अपना फल तीव्र होता है। इस अवधि में वाणी-भ्रम, व्यापारी हानि, चिन्ता। भार: धन, व्यय, अरि।
- ग्रन्थ
- बृहत्पाराशर होराशास्त्र
- अध्याय
- भावेश-दशा · गुरु/चन्द्र दशा
- विधि
- पञ्चमेश, गुरु या चन्द्र की अवधि सन्तान/घर जगाती है — जन्म-तिथि नहीं
सन्तान-समय
सन्तान-समर्थ खिड़कियाँ: बुध–सूर्य (2028-10-16–2029-01-31) · केतु–मंगल (2035-01-06–2035-06-05) · केतु–बृहस्पति (2036-06-22–2037-05-29) — सहारा, जन्म-तिथि नहीं। सावधानी: बुध–बुध · बुध–केतु · बुध–शुक्र।
बृहत्पाराशर होराशास्त्र · भावेश-दशा · गुरु/चन्द्र दशा · पञ्चमेश, गुरु या चन्द्र की अवधि सन्तान/घर जगाती है — जन्म-तिथि नहीं
- फल
- सन्तान-समर्थ खिड़कियाँ: बुध–सूर्य (2028-10-16–2029-01-31) · केतु–मंगल (2035-01-06–2035-06-05) · केतु–बृहस्पति (2036-06-22–2037-05-29) — सहारा, जन्म-तिथि नहीं। सावधानी: बुध–बुध · बुध–केतु · बुध–शुक्र।
- ग्रन्थ
- बृहत्पाराशर होराशास्त्र
- अध्याय
- भावेश-दशा · गुरु/चन्द्र दशा
- विधि
- पञ्चमेश, गुरु या चन्द्र की अवधि सन्तान/घर जगाती है — जन्म-तिथि नहीं
सन्तान योग
केमद्रुमयोगः शुभकर्तरीयोगः सरलयोगः नीचभङ्गराजयोगः
पञ्चमेश बृहस्पति षड्बल पर्याप्त। गुरु पर्याप्त · चन्द्र दुर्बल
सन्तान-समय (५ / २ / ४)
| दशा | अवधि | बल | भाव |
|---|---|---|---|
| बुध–बुध | 2026-08-22 – 2027-06-21 | दुर्बल | 2 |
| बुध–केतु | 2027-06-21 – 2027-10-24 | तनाव | 2 |
| बुध–शुक्र | 2027-10-24 – 2028-10-16 | दुर्बल | 2 |
| बुध–सूर्य | 2028-10-16 – 2029-01-31 | बलवान | 2 |
| बुध–चन्द्र | 2029-01-31 – 2029-07-29 | दुर्बल | 4, 2 |
| बुध–मंगल | 2029-07-29 – 2029-12-01 | तनाव | 4, 2, 5 |
| बुध–राहु | 2029-12-01 – 2030-10-18 | तनाव | 2 |
| बुध–बृहस्पति | 2030-10-18 – 2031-07-31 | तनाव | 5, 4, 2 |
| बुध–शनि | 2031-07-31 – 2032-07-04 | दुर्बल | 2, 5 |
| केतु–शुक्र | 2032-11-30 – 2034-01-31 | दुर्बल | 2 |
| केतु–चन्द्र | 2034-06-07 – 2035-01-06 | दुर्बल | 4 |
| केतु–मंगल | 2035-01-06 – 2035-06-05 | बलवान | 4, 2, 5 |
| केतु–बृहस्पति | 2036-06-22 – 2037-05-29 | बलवान | 5, 4 |
शास्त्रीय संदर्भ — बृहत्पाराशर होराशास्त्र
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