तन्त्रकुलपञ्चाङ्ग

सूर्यसिद्धान्त · आचार्य राजेश बेंजवाल · बुधवार · 2026-08-26 · देहरादून

गणन इंजन

स्थान मिला: देहरादून · देहरादून ज़िला · उत्तराखण्ड · 30.3165, 78.0322

अक्षांश, देशान्तर, ऊँचाई

सम्वत्सर

नाम
रौद्र
विक्रम / शक
2083 / 1948
गत कलि
5127
युधिष्ठिर
5165 Alpha
परशुराम
8203 Alpha
चैत्र शुक्ल १
2026-03-20
स्थान
देहरादून · देहरादून ज़िला · उत्तराखण्ड · 30.3165, 78.0322 · 600 मी

परिवर्तन: अमान्त चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, सूर्योदय (2026-03-20 06:27:28 IST)

तिथि

उदयकालिक: त्रयोदशी (जया तिथि)

पूर्णता: 95.88%

परिवर्तन:

  • त्रयोदशी → चतुर्दशी 06:47:17

नक्षत्र

वर्तमान: श्रवण

पाद: 2

परिवर्तन:

  • श्रवण → धनिष्ठा 00:57:02

योग

उदयकालिक: सौभाग्य

पूर्णता: 85.62%

परिवर्तन:

  • सौभाग्य → शोभन 09:12:40

करण

उदयकालिक: तैतिल

पूर्णता: 91.75%

परिवर्तन:

  • तैतिल → गरज 06:47:17

चान्द्रमास

अमान्त
श्रावण
पूर्णिमान्त
श्रावण
पक्ष
शुक्ल

सौरमास

राशि
सिंह
गति
10 प्रविष्टे

उदय एवं अस्त समय

☉ सूर्य उदय 05:44 · अस्त 18:37 · मध्य 12:11

☽ चन्द्र उदय 17:45 · अस्त 03:40 · मध्य —

संक्रांति विवरण

वर्तमान राशि
सिंह
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायने
राशि में स्थिति
7.96° (22.04° to next)
राशि प्रवेश
2026-08-17
वर्तमान राशि में दिन
10 दिन
अगली राशि
कन्या
अगली संक्रांति
2026-09-17

मुहूर्त योगादि विवरण

दिन-रात्रि मान

दिनमान: 32.21 घटी · रात्रिमान: 27.79 घटी

अग्निचक्र

🌙 चन्द्र - अग्निचक्र चन्द्र में होने से यज्ञादि कर्म लाभदायक

अग्निवास

पाताल

05:44 (2026-08-26) – 05:44

शिव वास

🐂 वृषारूढ़ - अभीष्ट सिद्धि

अशुभ काल

राहुकाल: 12:10 – 13:47

गुलिककाल: 10:33 – 12:10

यमकण्टक: 07:20 – 08:57

क्रकचादि योग

कोई योग नहीं

सर्वार्थसिद्धि योग

सर्वार्थसिद्धि योग नहीं है

रवि योग विवरण

आरंभ: 05:44 2026-08-26

समाप्ति: 05:44 2026-08-27

अमृतसिद्धि योग

अमृतसिद्धि योग नहीं है

शुभ मुहूर्त/काल

ब्रह्ममुहूर्त 04:15 – 04:59 44 minutes

गोधूली वेला 05:32 – 05:56 (24 मिनट)

अभिजितमुहूर्त 11:44 – 12:36 52 minutes

बाधक वार: बुधवार

दिन-रात्रि प्रहर

दिन:

पूर्वाह्न: 05:44–08:57मध्याह्न: 08:57–12:10अपराह्न: 12:10–15:23सांयकाल: 15:23–18:37

रात्रि:

प्रदोष: 18:37–21:23निशीथ: 21:23–00:10त्रियामा: 00:10–02:57उषा: 02:57–05:44

ग्रह उदय-अस्त

शुक्र: Asta: 2026-10-04 (7.74°)Uday: 2026-10-14 (8.55°)

बृहस्पति: Asta: 2027-08-23 (10.33°)Uday: 2027-09-21 (11.38°)

दिशा विचार मुहूर्तचिन्तामणि यात्रा-प्रकरण ११

दिशाशूल

ग्राह्य

आज दिशाशूल नहीं

श्रवण · बुध

चन्द्रवास

वर्ज्य

भिन्नायन · वध

सूर्य दक्षिणायन · चन्द्र उत्तरायण

राहुवास

अधीश

नैर्ऋत्य

राहु दिक्-अधीश

भद्रा विचार

भद्रा नहीं है।

ग्रह स्थिति

ग्रहमध्यमस्फुटराशिअवस्थानक्षत्रगतिभावस्थानदृश्ययुद्ध
☉ सूर्य129.6877°127.9555°सिंह 7.96°कुमारमघा · पाद 3मार्गी1स्वक्षेत्र
☽ चन्द्र286.5152°283.4607°मकर 13.46°युवाश्रवण · पाद 2मार्गी6उदय
♂ मंगल30.4211°73.8579°मिथुन 13.86°युवाआर्द्रा · पाद 3मार्गी11उदय
☿ बुध129.6830°127.0297°सिंह 7.03°कुमारमघा · पाद 3मार्गी1अस्त · दग्ध
♃ बृहस्पति103.9286°111.9191°कर्क 21.92°कुमारआश्लेषा · पाद 2मार्गी12उच्चउदय
♀ शुक्र129.6830°170.9932°कन्या 20.99°कुमारहस्त · पाद 4मार्गी2नीचउदय
♄ शनि345.5779°341.5857°मीन 11.59°वृद्धउत्तर भाद्रपद · पाद 3वक्री8उदय
☊ राहु309.3426°309.3426°कुम्भ 9.34°शतभिषा · पाद 1वक्री7
☋ केतु129.3426°129.3426°सिंह 9.34°मघा · पाद 3वक्री1

मध्यम अध्याय १ · स्फुट अध्याय २ · अवस्था बालादि (राशि-अंश, दृक् समान सूत्र) · अस्त/उदय अध्याय ९ अस्तांश से (दृक्कर्म नहीं) · उदय-अस्त घड़ी केवल रवि-चन्द्र (अध्याय ३)।

दैनिक मुहूर्त · दिन प्रत्येक 52 मिनट

नामसमय
रुद्रअशुभ05:44–06:35
अहिअशुभ06:35–07:27
मित्रशुभ07:27–08:18
पितृअशुभ08:18–09:10
वसुशुभ09:10–10:01
वाराहशुभ10:01–10:53
विश्वदेवशुभ10:53–11:44
अभिजितत्याज्य11:44–12:36
सतमुखीअशुभ12:36–13:27
पुरुहुतअशुभ13:27–14:19
वाहिनीअशुभ14:19–15:10
नैर्ऋतिअशुभ15:10–16:02
वरुणशुभ16:02–16:53
अर्यमाशुभ16:53–17:45
भगअशुभ17:45–18:37

दैनिक मुहूर्त · रात्रि प्रत्येक 44 मिनट

नामसमय
गिरीशअशुभ18:37–19:21
अजपादअशुभ19:21–20:05
अहिरबुध्न्यशुभ20:05–20:50
पुष्णवशुभ20:50–21:34
अश्विनीशुभ21:34–22:19
यमअशुभ22:19–23:03
अग्निशुभ23:03–23:48
विधाताशुभ23:48–00:32
कण्डशुभ00:32–01:17
अदितिशुभ01:17–02:01
अमृतशुभ02:01–02:46
विष्णुशुभ02:46–03:30
अर्कशुभ03:30–04:15
ब्रह्मशुभ04:15–04:59
समुद्रशुभ04:59–05:44

संकल्प

मुख्य संकल्प

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः नमः परमात्मने पुरुषोत्तमाय ॐ तत्सत् अद्यैतस्य विष्णोराज्ञया जगत्सृष्टिकर्मणि प्रवर्तमानस्य ब्रह्मणो द्वितीयपरार्द्धे श्रीश्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे तत्प्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे विष्णुप्रजापतिक्षेत्रे उत्तराखण्ड प्रदेशान्तर्गत देहरादून जिलान्तर्गत देहरादून स्थाने बौद्धावतारे रौद्र नाम संवत्सरे 2083 विक्रमाब्दे 1948 शकाब्दे दक्षिणायने वर्षा ऋतौ श्रावणमासे शुक्लपक्षे मकरराशिस्थिते चन्द्रे सिंहराशिस्थिते सूर्ये कर्कराशिस्थिते देवगुरौ मिथुनराशिस्थिते भौमे सिंहराशिस्थिते बुधे कन्याराशिस्थिते शुक्रे मीनराशिस्थिते शनौ कुम्भराशिस्थिते राहौ सिंहराशिस्थिते केतौ सर्वेषु ग्रहेषु यथास्वं राशि स्थितेषु सत्सु एवं ग्रहगण विशिष्टायां शुभ पुण्यतिथौ त्रयोदश्यां तिथौ बुधवासरे श्रवण नाम नक्षत्रे सौभाग्य योगे तैतिल करणे _______ गोत्रोत्पन्न _______ शर्मा/वर्मा/गुप्तोऽहं ममात्मनः सर्वारिष्टनिरसनपूर्वक सर्वपापक्षयार्थं मनसेप्सितफलप्राप्तिपूर्वक—श्रुतिस्मृतिपुराणोक्तफलप्राप्त्यर्थं दीर्घायुरारोग्यैश्वर्यादिवृद्ध्यर्थं श्रीसाम्बसदाशिवप्रीत्यर्थञ्च लिङ्गोपरि यथोपचारैः श्रीसाम्बसदाशिवपूजनपूर्वकं जलधारया षडङ्गरुद्रेण/रुद्रैकादशिन्या/लघुरुद्रेण रुद्राभिषेकं _______ गोत्रोत्पन्न _______ शर्मणा ब्राह्मणद्वारा कारयिष्ये वा स्वयं कर रहे हों तो अहं करिष्ये कहकर हाथका सङ्कल्पजल आदि छोड़ दे।

गणपति संकल्प

पुनः हाथमें जल, अक्षत, पुष्प तथा कुश लेकर बोले— तदङ्गत्वेन कार्यस्य निर्विघ्नतया सिद्धयर्थं श्रीसिद्धलक्ष्मीसहितमहागणपतिदेवता प्रीत्यर्थञ्च आदौ श्रीसिद्धलक्ष्मीसहित महागणपतिदेवतायाः पूजनं करिष्ये, कहकर हाथका जल आदि छोड़ दे।