Examples

One locked sample. Switch the engine, pick an API, read a clean result — the same fields the JSON returns.

Engine

Sample identity

Prefill · cannot be changedEnterprise subscription वाले स्थान और वर्ष बदल सकते हैं
Locationनई दिल्ली
विक्रम संवत्2083
संवत्सररौद्री
प्रवेशचैत्र शुक्ल प्रतिपदा
गणितदृक् · लाहिरी

API

Samvatsara · Drik

GET /v1/vedic/samvatsara?vikram=2083&place=नई दिल्ली

Lahiri

Premium sample

संवत्सर संहिता

संवत्सररौद्रीविक्रम 2083
वर्ष का राजाबृहस्पतिक्षय प्रतिपदा — आरम्भ-वार
मंत्रीमंगलमन्त्रिमण्डल · मेष-वार
ग्रहवर्षफल-अधिपतिबृहस्पतिअमावस्या-वार · भिन्न मत
संकेतसंकट संकेतचैत्र शुक्ल प्रतिपदा

Saṃhitā first: year-officers, eclipse, planetary war, rain-yoga dates. The ingress chart is gaṇita; its house reading is a BPHS-kāraka method, not a Bṛhat Saṃhitā sūtra.

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा क्षय है — किसी सूर्योदय पर प्रतिपदा नहीं। राजा उस वार का स्वामी है जिस दिन प्रतिपदा आरम्भ हुई। प्रतिपदा-वार और अमावस्या-वार एक ही ग्रह हैं।

संवत्सराधिकार

वर्ष का राजा

बृहस्पति

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का वारेश · क्षय पर आरम्भ-वार

उपाधि
वर्ष का राजा
वार
गुरु · 2026-03-19 · 06:53 IST
क्षेत्र
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का वारेश · क्षय पर आरम्भ-वार
फल
करोत्यनुत्तमां धात्रीं यज्ञधान्यार्थवृष्टिभिः — यज्ञ, धान्य, अर्थ, वृष्टि।
ग्रन्थ
क्षय चैत्र शुक्ल प्रतिपदा — जिस वार प्रतिपदा आरम्भ हुई उसी का वारेश राजा (उदय-तिथि नहीं; प्रचलित पंचांग)

मंत्री

मंगल

मन्त्रिमण्डल · मेष संक्रान्ति-वार

उपाधि
मंत्री
वार
मंगल · 2026-04-14 · 09:32 IST
क्षेत्र
मन्त्रिमण्डल · मेष संक्रान्ति-वार
फल
चौरवह्निवृष्टिक्षुद्भयकृत् — चोर, अग्नि, वृष्टि-हानि, क्षुधा-भय।
ग्रन्थ
प्रचलित मन्त्रिमण्डल / पंचांग-पद्धति — मेष संक्रान्ति का वारेश

ग्रहवर्षफल-अधिपति

बृहस्पति

चैत्र अमावस्या — भिन्न/प्राचीन मत

उपाधि
ग्रहवर्षफल-अधिपति
वार
गुरु · 2026-03-19 · 06:53 IST
क्षेत्र
चैत्र अमावस्या — भिन्न/प्राचीन मत
फल
करोत्यनुत्तमां धात्रीं यज्ञधान्यार्थवृष्टिभिः — यज्ञ, धान्य, अर्थ, वृष्टि।
ग्रन्थ
बृहत्संहिता ग्रहवर्षफल की भिन्न/प्राचीन गणना — चैत्र अमावस्या का वारेश (Kern/Bhat; मूल श्लोक नहीं; प्रचलित राजा नहीं)

सस्येश

बृहस्पति

सस्य · कृषि · अन्न

उपाधि
सस्येश
वार
गुरु · 2026-07-16 · 23:39 IST
क्षेत्र
सस्य · कृषि · अन्न
फल
करोत्यनुत्तमां धात्रीं यज्ञधान्यार्थवृष्टिभिः — यज्ञ, धान्य, अर्थ, वृष्टि।
ग्रन्थ
नारदसंहिता २.२

रसेश

शनि

रस · फल · अर्घ

उपाधि
रसेश
वार
शनि · 2026-10-17 · 19:51 IST
क्षेत्र
रस · फल · अर्घ
फल
अन्तकश्चौरवह्न्यब्धान्यभूपभयप्रदः — क्षय, चोर, अग्नि, जल, धान्य और नृप-भय।
ग्रन्थ
नारदसंहिता २.३

नीरसेश

बृहस्पति

नीरस · जल · शुष्कता

उपाधि
नीरसेश
वार
गुरु · 2027-01-14 · 21:09 IST
क्षेत्र
नीरस · जल · शुष्कता
फल
करोत्यनुत्तमां धात्रीं यज्ञधान्यार्थवृष्टिभिः — यज्ञ, धान्य, अर्थ, वृष्टि।
ग्रन्थ
नारदसंहिता २.३

अधिकार: मंत्री मेष-संक्रान्ति वारेश है (प्रचलित मन्त्रिमण्डल)। मेघेश–धान्येश–धनेश नवनायक पद हैं — संवत्सराधिकार की सूची में नहीं; वर्ष-प्रवेश कुण्डली से इनका सम्बन्ध नहीं।

संवत्सर प्रवेश कुण्डली

लग्नमीन2026-03-19
लग्नेशबृहस्पति06:53 IST
क्षण2026-03-19 06:53 ISTchaitra_shukla_pratipada
वर्ष लग्न कुण्डली
12 01 02 03 04 05 06 07 08 09 10 11 Su Mo Ma Me Ju Ve Sa Ra Ke Sorry, your browser does not support inline SVG.
वर्ष लग्न कुण्डली
Asc Su Mo Ma Me Ju Ve Sa Ra Ke सवतसरपरवशकणडल Birth : 19 March 2026 | 06:53 IST BirthPlace : नई दिल्ली Chart : CspLagnaSouth Sorry, your browser does not support inline SVG.
चन्द्र कुण्डली
12 01 02 03 04 05 06 07 08 09 10 11 Su Mo Ma Me Ju Ve Sa Ra Ke Sorry, your browser does not support inline SVG.
सूर्य कुण्डली
12 01 02 03 04 05 06 07 08 09 10 11 Su Mo Ma Me Ju Ve Sa Ra Ke Sorry, your browser does not support inline SVG.

BPHS 12–23 house names as a mundane kāraka map — not a Bṛhat Saṃhitā adhyāya

भाव — संहिता-कारक

भावनामकारकस्वामीस्थितस्वर
1तनुराष्ट्र / प्रजा का शरीर — तनुबृहस्पतिसूर्य, चन्द्र, शुक्र, शनिपीड़ित
2धनकोश, वाणी, कुटुम्ब-समष्टि — धनमंगलपीड़ित
3सहजविक्रम, दूत, सहोदर-समष्टि — सहजशुक्रअनुकूल
4बन्धुभूमि, कृषि, गृह, सुख — बन्धुबुधबृहस्पतिपीड़ित
5पुत्रमन्त्र, बुद्धि, सन्तान-समष्टि — पुत्रचन्द्रमिश्र
6अरिशत्रु, रोग, ऋण — अरिसूर्यकेतुमिश्र
7जायासन्धि, विदेश, युति — जायाबुधपीड़ित
8रन्ध्रआपत्ति, गुप्त, आयु — रन्ध्रशुक्रअनुकूल
9धर्मधर्म, भाग्य, आचार्य — धर्ममंगलपीड़ित
10कर्मशासन, कर्म, सिंहासन — कर्मबृहस्पतिपीड़ित
11लाभलाभ, मित्र, आय — लाभशनिमिश्र
12व्ययव्यय, हानि, मोक्ष — व्ययशनिबुध, मंगल, राहुमिश्र

ग्रह स्थिति

ग्रहराशिभावअवस्था
सूर्यमीन1मित्र
चन्द्रमीन1सम
बुधकुम्भ12सम
शुक्रमीन1उच्च
मंगलकुम्भ12सम
बृहस्पतिमिथुन4अरि
शनिमीन1सम
राहुकुम्भ12सम
केतुसिंह6सम

सहायक वार्षिक चार्ट: सौर प्रवेश

Mesha Sankranti → Saura Varsha Pravesha

संवत्सर का फल = चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को प्राथमिकता। सौर एवं प्राकृतिक / ऋतु चक्र = मेष संक्रान्ति को समानान्तर प्रवेश।

सौर प्रवेश कुण्डली — मेष संक्रान्ति

लग्नवृषभ2026-04-14
लग्नेशशुक्र09:32 IST
क्षण2026-04-14 09:32 ISTmesha_sankranti
वर्ष लग्न कुण्डली
02 03 04 05 06 07 08 09 10 11 12 01 Su Mo Ma Me Ju Ve Sa Ra Ke Sorry, your browser does not support inline SVG.
वर्ष लग्न कुण्डली
Asc Su Mo Ma Me Ju Ve Sa Ra Ke सरपरवशकणडलमषसकरनत Birth : 14 April 2026 | 09:32 IST BirthPlace : नई दिल्ली Chart : MeshaLagnaSouth Sorry, your browser does not support inline SVG.
चन्द्र कुण्डली
11 12 01 02 03 04 05 06 07 08 09 10 Su Mo Ma Me Ju Ve Sa Ra Ke Sorry, your browser does not support inline SVG.
सूर्य कुण्डली
12 01 02 03 04 05 06 07 08 09 10 11 Su Mo Ma Me Ju Ve Sa Ra Ke Sorry, your browser does not support inline SVG.

BPHS 12–23 house names as a mundane kāraka map — not a Bṛhat Saṃhitā adhyāya

सौर वर्ष के संकेत

मेष-प्रवेश लग्न वृषभ, लग्नेश शुक्र — सौर वर्ष का शरीर।

ऋतु, कृषि, प्रकृति

चतुर्थ (मिश्र) भूमि-कृषि; षष्ठ (पीड़ित) क्षुधा-रोग; अष्टम (पीड़ित) आपत्ति। बृहत्संहिता में वर्षा-फल मेघ, पवन और दिशा देखकर निश्चित होता है — केवल लग्न या तिथि से नहीं।

संक्रान्ति क्रम — ऋतु और अयन

दिनसंक्रान्तिराशिऋतुअयनपद / चिह्नवारेश
2026-04-14मेष संक्रान्तिमेषवसन्तउत्तरायणसेनापति / भूपतिमंगल · मंगल
2026-05-15वृषभ संक्रान्तिवृषभवसन्तउत्तरायणशुक्र · शुक्र
2026-06-15मिथुन संक्रान्तिमिथुनग्रीष्मउत्तरायणसोम · चन्द्र
2026-07-16कर्क संक्रान्तिकर्कग्रीष्मदक्षिणायनसस्येशगुरु · बृहस्पति
2026-08-17सिंह संक्रान्तिसिंहवर्षादक्षिणायनसोम · चन्द्र
2026-09-17कन्या संक्रान्तिकन्यावर्षादक्षिणायनगुरु · बृहस्पति
2026-10-17तुला संक्रान्तितुलाशरद्दक्षिणायनरसेशशनि · शनि
2026-11-16वृश्चिक संक्रान्तिवृश्चिकशरद्दक्षिणायनसोम · चन्द्र
2026-12-16धनु संक्रान्तिधनुहेमन्तदक्षिणायनबुध · बुध
2027-01-14मकर संक्रान्तिमकरहेमन्तउत्तरायणनीरसेशगुरु · बृहस्पति
2027-02-13कुम्भ संक्रान्तिकुम्भशिशिरउत्तरायणशनि · शनि
2027-03-15मीन संक्रान्तिमीनशिशिरउत्तरायणसोम · चन्द्र

नारदसंहिता २.१क (चैत्र ↔ मेष क्रम) + सौरमास / अयन-विधि

संहिता-उत्पात

ग्रहण

बृहत्संहिता ५ राहुचार। आरंभ–समाप्ति स्थानीय स्पर्श जहाँ मिलें; सार्वत्रिक में केवल मध्याह्न।

दिनग्रहणप्रकारदृष्टिआरंभमध्यसमाप्ति
2026-08-12सूर्य ग्रहणसार्वत्रिकयहाँ नहीं23:06 IST
2026-08-28चन्द्र ग्रहणखण्डयहाँ नहीं06:52 IST09:43 IST12:33 IST
2027-02-06सूर्य ग्रहणसार्वत्रिकयहाँ नहीं21:26 IST
2027-02-21चन्द्र ग्रहणछायायहाँ दिखता है02:40 IST04:42 IST06:45 IST

ग्रहयुद्ध — निकट समागम

१° से निकट समागम। जय-पराजय का सूक्ष्म गणित पञ्चसिद्धान्तिका में है — यहाँ उत्तरस्थ ही चिह्नित (बृहत्संहिता १७.१)।

दिनयुद्धअंतरउत्तरस्थ
2026-04-20मंगल–बुध0.671°मंगल
2026-04-20मंगल–शनि0.073°मंगल
2026-04-20बुध–शनि0.598°शनि
2026-06-09बृहस्पति–शुक्र0.753°शुक्र
2026-08-16बुध–बृहस्पति0.988°बुध
2026-10-07बुध–शुक्र0.067°बुध
2026-11-16मंगल–बृहस्पति0.076°मंगल

वर्षा-योग

रोहिणी / स्वाति / आषाढ़ — मौसम में प्रथम चन्द्र-प्रवेश (बृहत्संहिता २१–२८)। फल पवन-मेघ-प्रेक्षण से है; तिथि मात्र वर्षा-माप नहीं।

दिनयोगनक्षत्रमासग्रन्थ
2026-05-17रोहिणी योगरोहिणीज्येष्ठबृहत्संहिता २४
2026-05-28स्वाति योगस्वातिज्येष्ठबृहत्संहिता २५
2026-06-01मूल-चन्द्रमूलज्येष्ठबृहत्संहिता २३.१ पथ
2026-06-03आषाढ़ योग (पूर्वाषाढ़ा)पूर्वाषाढाज्येष्ठबृहत्संहिता २६
2026-06-04उत्तराषाढ़ा-चन्द्रउत्तराषाढाज्येष्ठबृहत्संहिता २३/२६

संकेत

वर्ष का राजा बृहस्पति (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा-वार)। प्रवेश-लग्न मीन। ग्रहण 4, निकट समागम 7। पीड़ित भाव: 1 (तनु), 2 (धन), 4 (बन्धु), 7 (जाया)। यह भारित भविष्य नहीं — संकेत और स्रोत हैं।

शासनदशम + राजा/मंत्री — प्रतिपदा-वारेश + मन्त्रिमण्डल।
कृषि / वर्षासस्येश + रोहिणी/आषाढ़ तिथियाँ। वर्षा-फल मेघ-पवन देखकर।
कोशद्वितीय/एकादश + रसेश/नीरसेश। नियत धन नहीं।
जन-स्वास्थ्यषष्ठ + ग्रहण (बृहत्संहिता ५)। रोग-निदान नहीं।

Not a diagnosis, election call, or rainfall total. Nārada 2 is a printed recension. Extra navanāyaka offices are paddhati and are omitted.

शास्त्र — नारदसंहिता · बृहत्संहिता · BPHS विधि

सार्वजनिक राजा = चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का वारेश (प्रचलित पंचांग; नारद २.१ मुद्रित पाठ से मेल)। क्षय प्रतिपदा पर उदय-तिथि नहीं — जिस वार प्रतिपदा आरम्भ हो उसी का वारेश राजा। ग्रहवर्षफल-अधिपति = चैत्र अमावस्या का वार — भिन्न/प्राचीन गणना-मत (Kern/Bhat; वराहमिहिर का मूल श्लोक नहीं; राजा नहीं)। मंत्री = मेष संक्रान्ति का वार — प्रचलित मन्त्रिमण्डल। यह चिकित्सा, चुनाव या वर्षा-माप नहीं।

चैत्राद्येष्वपि मासेषु मेषाद्याः संक्रमाः क्रमात् । चैत्रादितिथिवारेशस्तस्याब्दस्य त्वधीश्वरः ॥
Caitra and the following months answer to Meṣa and the following saṅkrāntis. The weekday-lord of the Caitra (śukla) pratipadā is the adhīśvara of that year.
Nārada-saṃhitā 2.1 (printed North-Indian recension; lock a named edition before treating as final)
चैत्राद्येष्वपि मासेषु मेषाद्याः संक्रमाः क्रमात् ।
Caitra and the following lunar months answer to Meṣa and the following saṅkrāntis. Caitra pratipadā carries the samvatsara phala; Meṣa-saṅkrānti carries the solar / ṛtu cycle.
Nārada-saṃhitā 2.1a (same recension) + solar-month method
मेषसंक्रांतिवारेशो भवेत्सोऽपि च भूपतिः । कर्कटस्य तु वारेशो सस्येशस्तत्फलं ततः ॥
Meṣa-saṅkrānti weekday-lord is also bhūpati / senāpati. Karka weekday-lord is sasyeśa.
Nārada-saṃhitā 2.2 (same recension)
तुलासंक्रांतिवारेशो रसानामधिपः स्मृतः । मकराधिपतिः साक्षान्नीरसस्य पतिः क्रमात् ॥
Tulā-saṅkrānti weekday-lord is raseśa. Makara weekday-lord is nīraseśa.
Nārada-saṃhitā 2.3
Bṛhat Saṃhitā Grahavarṣaphala (ch. 19) gives the phala of each planet as year-regent. Choosing that regent from the weekday of Caitra amāvasyā is an older / alternate gaṇana-paddhati (Kern / Bhat apparatus — not a quoted Varāhamihira mūla-śloka). Living pañcāṅgas take the public rājā from Caitra śukla pratipadā weekday. This field is kept as research, not as rājā.
Bṛhat Saṃhitā Grahavarṣaphala 19 — alternate gaṇana-paddhati (not public rājā; not a quoted mūla verse)
द्विजनृपतीनुदगयने विट्शूद्रान्दक्षिणायने हन्ति । राहुरुदगादिदृष्टः प्रदक्षिणं हन्ति विप्रऽदीन् ॥
Rāhu in an eclipse during uttarāyaṇa afflicts dvija and nṛpati; in dakṣiṇāyana, vaiśya and śūdra. The starting quarter of the disc further assigns the class. Not a calendar of deaths.
Bṛhat Saṃhitā Rāhucāra 5.32 (siva.sh)
Astronomers compute the time and nature of graha-yuddha in advance. Varāhamihira refers the gaṇita to the Pañcasiddhāntikā and the Sūrya-siddhānta. This engine lists close meetings (<1°) of the tara-grahas and does not invent Bheda/Ullekha formulae.
Bṛhat Saṃhitā Grahayuddha 17.1 (English paraphrase of the printed opening)
From rain that falls while the Moon goes from Pūrvāṣāḍhā to Mūla in Jyeṣṭha (after the full moon), the wise speak of the coming harvest and the measure of rain. The engine dates that Moon-path; it does not invent droṇa-counts without the observed rain.
Bṛhat Saṃhitā Pravarṣaṇa 23.1 (English paraphrase)
Rohiṇī-yoga: divide the day the Moon enters Rohiṇī into eight parts from sunrise — they stand for the eight fortnights of Śrāvaṇa–Kārttika. Wind direction and duration decide which pakṣa gets rain. Observation is required; the date alone is not the phala.
Bṛhat Saṃhitā Rohiṇī-yoga 24.10 (English paraphrase of Kern/Bhat)
The ingress chart’s twelve houses are read with the BPHS house names (Tanu, Dhana, … Vyaya) as a mundane kāraka map. Bṛhat Saṃhitā does not give a 12-bhāva annual-chart adhyāya. This is method, not a forged sloka.
BPHS 12–23 house kārakas applied to a mundane ingress (method paraphrase)
Bṛhat Saṃhitā Guru-cāra (8), Śanaiścara-cāra (10), and Rāhu-cāra (5) give phala from the observed sign and motion of the slow grahas. This engine dates their rāśi at year-ingress and any sign-change in the year. It does not invent chapter phala-lists.
Bṛhat Saṃhitā 8, 10, 5 — positions only (method; not a quoted mūla-śloka)
If Caitra śukla pratipadā is kṣaya — present at no sunrise — the public rājā is the weekday-lord of the vara on which pratipadā begins, not the udaya-tithi of the next morning. Living pañcāṅga rule; not a quoted mūla-śloka.
Living pañcāṅga kṣaya-pratipadā rule for year-rājā (method note)

Premium sample of the HTML view — the same fields a Commercial key returns. JSON lives on the path above. Production kundali, matching, and Sūrya-siddhānta extras need a paid key.