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Lahiri
Premium sampleसंवत्सर संहिता
Saṃhitā first: year-officers, eclipse, planetary war, rain-yoga dates. The ingress chart is gaṇita; its house reading is a BPHS-kāraka method, not a Bṛhat Saṃhitā sūtra.
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा क्षय है — किसी सूर्योदय पर प्रतिपदा नहीं। राजा उस वार का स्वामी है जिस दिन प्रतिपदा आरम्भ हुई। प्रतिपदा-वार और अमावस्या-वार एक ही ग्रह हैं।
संवत्सराधिकार
वर्ष का राजा
बृहस्पति
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का वारेश · क्षय पर आरम्भ-वार
- उपाधि
- वर्ष का राजा
- वार
- गुरु · 2026-03-19 · 06:53 IST
- क्षेत्र
- चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का वारेश · क्षय पर आरम्भ-वार
- फल
- करोत्यनुत्तमां धात्रीं यज्ञधान्यार्थवृष्टिभिः — यज्ञ, धान्य, अर्थ, वृष्टि।
- ग्रन्थ
- क्षय चैत्र शुक्ल प्रतिपदा — जिस वार प्रतिपदा आरम्भ हुई उसी का वारेश राजा (उदय-तिथि नहीं; प्रचलित पंचांग)
मंत्री
मंगल
मन्त्रिमण्डल · मेष संक्रान्ति-वार
- उपाधि
- मंत्री
- वार
- मंगल · 2026-04-14 · 09:32 IST
- क्षेत्र
- मन्त्रिमण्डल · मेष संक्रान्ति-वार
- फल
- चौरवह्निवृष्टिक्षुद्भयकृत् — चोर, अग्नि, वृष्टि-हानि, क्षुधा-भय।
- ग्रन्थ
- प्रचलित मन्त्रिमण्डल / पंचांग-पद्धति — मेष संक्रान्ति का वारेश
ग्रहवर्षफल-अधिपति
बृहस्पति
चैत्र अमावस्या — भिन्न/प्राचीन मत
- उपाधि
- ग्रहवर्षफल-अधिपति
- वार
- गुरु · 2026-03-19 · 06:53 IST
- क्षेत्र
- चैत्र अमावस्या — भिन्न/प्राचीन मत
- फल
- करोत्यनुत्तमां धात्रीं यज्ञधान्यार्थवृष्टिभिः — यज्ञ, धान्य, अर्थ, वृष्टि।
- ग्रन्थ
- बृहत्संहिता ग्रहवर्षफल की भिन्न/प्राचीन गणना — चैत्र अमावस्या का वारेश (Kern/Bhat; मूल श्लोक नहीं; प्रचलित राजा नहीं)
सस्येश
बृहस्पति
सस्य · कृषि · अन्न
- उपाधि
- सस्येश
- वार
- गुरु · 2026-07-16 · 23:39 IST
- क्षेत्र
- सस्य · कृषि · अन्न
- फल
- करोत्यनुत्तमां धात्रीं यज्ञधान्यार्थवृष्टिभिः — यज्ञ, धान्य, अर्थ, वृष्टि।
- ग्रन्थ
- नारदसंहिता २.२
रसेश
शनि
रस · फल · अर्घ
- उपाधि
- रसेश
- वार
- शनि · 2026-10-17 · 19:51 IST
- क्षेत्र
- रस · फल · अर्घ
- फल
- अन्तकश्चौरवह्न्यब्धान्यभूपभयप्रदः — क्षय, चोर, अग्नि, जल, धान्य और नृप-भय।
- ग्रन्थ
- नारदसंहिता २.३
नीरसेश
बृहस्पति
नीरस · जल · शुष्कता
- उपाधि
- नीरसेश
- वार
- गुरु · 2027-01-14 · 21:09 IST
- क्षेत्र
- नीरस · जल · शुष्कता
- फल
- करोत्यनुत्तमां धात्रीं यज्ञधान्यार्थवृष्टिभिः — यज्ञ, धान्य, अर्थ, वृष्टि।
- ग्रन्थ
- नारदसंहिता २.३
अधिकार: मंत्री मेष-संक्रान्ति वारेश है (प्रचलित मन्त्रिमण्डल)। मेघेश–धान्येश–धनेश नवनायक पद हैं — संवत्सराधिकार की सूची में नहीं; वर्ष-प्रवेश कुण्डली से इनका सम्बन्ध नहीं।
संवत्सर प्रवेश कुण्डली
BPHS 12–23 house names as a mundane kāraka map — not a Bṛhat Saṃhitā adhyāya
भाव — संहिता-कारक
| भाव | नाम | कारक | स्वामी | स्थित | स्वर |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | तनु | राष्ट्र / प्रजा का शरीर — तनु | बृहस्पति | सूर्य, चन्द्र, शुक्र, शनि | पीड़ित |
| 2 | धन | कोश, वाणी, कुटुम्ब-समष्टि — धन | मंगल | — | पीड़ित |
| 3 | सहज | विक्रम, दूत, सहोदर-समष्टि — सहज | शुक्र | — | अनुकूल |
| 4 | बन्धु | भूमि, कृषि, गृह, सुख — बन्धु | बुध | बृहस्पति | पीड़ित |
| 5 | पुत्र | मन्त्र, बुद्धि, सन्तान-समष्टि — पुत्र | चन्द्र | — | मिश्र |
| 6 | अरि | शत्रु, रोग, ऋण — अरि | सूर्य | केतु | मिश्र |
| 7 | जाया | सन्धि, विदेश, युति — जाया | बुध | — | पीड़ित |
| 8 | रन्ध्र | आपत्ति, गुप्त, आयु — रन्ध्र | शुक्र | — | अनुकूल |
| 9 | धर्म | धर्म, भाग्य, आचार्य — धर्म | मंगल | — | पीड़ित |
| 10 | कर्म | शासन, कर्म, सिंहासन — कर्म | बृहस्पति | — | पीड़ित |
| 11 | लाभ | लाभ, मित्र, आय — लाभ | शनि | — | मिश्र |
| 12 | व्यय | व्यय, हानि, मोक्ष — व्यय | शनि | बुध, मंगल, राहु | मिश्र |
ग्रह स्थिति
| ग्रह | राशि | भाव | अवस्था |
|---|---|---|---|
| सूर्य | मीन | 1 | मित्र |
| चन्द्र | मीन | 1 | सम |
| बुध | कुम्भ | 12 | सम |
| शुक्र | मीन | 1 | उच्च |
| मंगल | कुम्भ | 12 | सम |
| बृहस्पति | मिथुन | 4 | अरि |
| शनि | मीन | 1 | सम |
| राहु | कुम्भ | 12 | सम |
| केतु | सिंह | 6 | सम |
सहायक वार्षिक चार्ट: सौर प्रवेश
Mesha Sankranti → Saura Varsha Pravesha
संवत्सर का फल = चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को प्राथमिकता। सौर एवं प्राकृतिक / ऋतु चक्र = मेष संक्रान्ति को समानान्तर प्रवेश।
सौर प्रवेश कुण्डली — मेष संक्रान्ति
BPHS 12–23 house names as a mundane kāraka map — not a Bṛhat Saṃhitā adhyāya
सौर वर्ष के संकेत
मेष-प्रवेश लग्न वृषभ, लग्नेश शुक्र — सौर वर्ष का शरीर।
ऋतु, कृषि, प्रकृति
चतुर्थ (मिश्र) भूमि-कृषि; षष्ठ (पीड़ित) क्षुधा-रोग; अष्टम (पीड़ित) आपत्ति। बृहत्संहिता में वर्षा-फल मेघ, पवन और दिशा देखकर निश्चित होता है — केवल लग्न या तिथि से नहीं।
संक्रान्ति क्रम — ऋतु और अयन
| दिन | संक्रान्ति | राशि | ऋतु | अयन | पद / चिह्न | वारेश |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 2026-04-14 | मेष संक्रान्ति | मेष | वसन्त | उत्तरायण | सेनापति / भूपति | मंगल · मंगल |
| 2026-05-15 | वृषभ संक्रान्ति | वृषभ | वसन्त | उत्तरायण | — | शुक्र · शुक्र |
| 2026-06-15 | मिथुन संक्रान्ति | मिथुन | ग्रीष्म | उत्तरायण | — | सोम · चन्द्र |
| 2026-07-16 | कर्क संक्रान्ति | कर्क | ग्रीष्म | दक्षिणायन | सस्येश | गुरु · बृहस्पति |
| 2026-08-17 | सिंह संक्रान्ति | सिंह | वर्षा | दक्षिणायन | — | सोम · चन्द्र |
| 2026-09-17 | कन्या संक्रान्ति | कन्या | वर्षा | दक्षिणायन | — | गुरु · बृहस्पति |
| 2026-10-17 | तुला संक्रान्ति | तुला | शरद् | दक्षिणायन | रसेश | शनि · शनि |
| 2026-11-16 | वृश्चिक संक्रान्ति | वृश्चिक | शरद् | दक्षिणायन | — | सोम · चन्द्र |
| 2026-12-16 | धनु संक्रान्ति | धनु | हेमन्त | दक्षिणायन | — | बुध · बुध |
| 2027-01-14 | मकर संक्रान्ति | मकर | हेमन्त | उत्तरायण | नीरसेश | गुरु · बृहस्पति |
| 2027-02-13 | कुम्भ संक्रान्ति | कुम्भ | शिशिर | उत्तरायण | — | शनि · शनि |
| 2027-03-15 | मीन संक्रान्ति | मीन | शिशिर | उत्तरायण | — | सोम · चन्द्र |
नारदसंहिता २.१क (चैत्र ↔ मेष क्रम) + सौरमास / अयन-विधि
संहिता-उत्पात
ग्रहण
बृहत्संहिता ५ राहुचार। आरंभ–समाप्ति स्थानीय स्पर्श जहाँ मिलें; सार्वत्रिक में केवल मध्याह्न।
| दिन | ग्रहण | प्रकार | दृष्टि | आरंभ | मध्य | समाप्ति |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 2026-08-12 | सूर्य ग्रहण | सार्वत्रिक | यहाँ नहीं | — | 23:06 IST | — |
| 2026-08-28 | चन्द्र ग्रहण | खण्ड | यहाँ नहीं | 06:52 IST | 09:43 IST | 12:33 IST |
| 2027-02-06 | सूर्य ग्रहण | सार्वत्रिक | यहाँ नहीं | — | 21:26 IST | — |
| 2027-02-21 | चन्द्र ग्रहण | छाया | यहाँ दिखता है | 02:40 IST | 04:42 IST | 06:45 IST |
ग्रहयुद्ध — निकट समागम
१° से निकट समागम। जय-पराजय का सूक्ष्म गणित पञ्चसिद्धान्तिका में है — यहाँ उत्तरस्थ ही चिह्नित (बृहत्संहिता १७.१)।
| दिन | युद्ध | अंतर | उत्तरस्थ |
|---|---|---|---|
| 2026-04-20 | मंगल–बुध | 0.671° | मंगल |
| 2026-04-20 | मंगल–शनि | 0.073° | मंगल |
| 2026-04-20 | बुध–शनि | 0.598° | शनि |
| 2026-06-09 | बृहस्पति–शुक्र | 0.753° | शुक्र |
| 2026-08-16 | बुध–बृहस्पति | 0.988° | बुध |
| 2026-10-07 | बुध–शुक्र | 0.067° | बुध |
| 2026-11-16 | मंगल–बृहस्पति | 0.076° | मंगल |
वर्षा-योग
रोहिणी / स्वाति / आषाढ़ — मौसम में प्रथम चन्द्र-प्रवेश (बृहत्संहिता २१–२८)। फल पवन-मेघ-प्रेक्षण से है; तिथि मात्र वर्षा-माप नहीं।
| दिन | योग | नक्षत्र | मास | ग्रन्थ |
|---|---|---|---|---|
| 2026-05-17 | रोहिणी योग | रोहिणी | ज्येष्ठ | बृहत्संहिता २४ |
| 2026-05-28 | स्वाति योग | स्वाति | ज्येष्ठ | बृहत्संहिता २५ |
| 2026-06-01 | मूल-चन्द्र | मूल | ज्येष्ठ | बृहत्संहिता २३.१ पथ |
| 2026-06-03 | आषाढ़ योग (पूर्वाषाढ़ा) | पूर्वाषाढा | ज्येष्ठ | बृहत्संहिता २६ |
| 2026-06-04 | उत्तराषाढ़ा-चन्द्र | उत्तराषाढा | ज्येष्ठ | बृहत्संहिता २३/२६ |
संकेत
वर्ष का राजा बृहस्पति (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा-वार)। प्रवेश-लग्न मीन। ग्रहण 4, निकट समागम 7। पीड़ित भाव: 1 (तनु), 2 (धन), 4 (बन्धु), 7 (जाया)। यह भारित भविष्य नहीं — संकेत और स्रोत हैं।
Not a diagnosis, election call, or rainfall total. Nārada 2 is a printed recension. Extra navanāyaka offices are paddhati and are omitted.
शास्त्र — नारदसंहिता · बृहत्संहिता · BPHS विधि
सार्वजनिक राजा = चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का वारेश (प्रचलित पंचांग; नारद २.१ मुद्रित पाठ से मेल)। क्षय प्रतिपदा पर उदय-तिथि नहीं — जिस वार प्रतिपदा आरम्भ हो उसी का वारेश राजा। ग्रहवर्षफल-अधिपति = चैत्र अमावस्या का वार — भिन्न/प्राचीन गणना-मत (Kern/Bhat; वराहमिहिर का मूल श्लोक नहीं; राजा नहीं)। मंत्री = मेष संक्रान्ति का वार — प्रचलित मन्त्रिमण्डल। यह चिकित्सा, चुनाव या वर्षा-माप नहीं।
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