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Prefill · cannot be changedEnterprise subscription वाले स्थान और वर्ष बदल सकते हैं कुण्डली PDF
NameDevadutt
LocationDehradun
Date2026-08-22
Time06:15 IST

API

Graha Shanti · Drik

GET /v1/vedic/graha-shanti?date=2026-08-22&time=06:15&place=Dehradun

Lahiri

Premium sample
North Indian
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ग्रहशान्ति एवं उपाय

लग्नसिंहशान्ति योग्य
दशाबुध–बुधचल रही महा–अन्तर
शान्ति आवश्यकचन्द्र, बुध, शुक्र, शनिकार्यात्मक पाप / पीड़ित क्रूर
लग्नेशसूर्यपुष्टि, शान्ति नहीं

बृहत्पाराशर ३४ तय करता है कौन कार्यात्मक पाप है। ग्रहशान्ति (अ. ८४) उसका मन्त्र-होम-दान है — योगकारक को शान्त नहीं करते। फलदीपिका २.२७–३० देवता, धान्य, धातु, वस्त्र देती है। सारावली ग्रहगुण वही स्वभाव दोहराती है। मानसागरी सरल दान-सेवा पद्धति है। यह चिकित्सा नहीं।

किसकी शान्ति

चन्द्रशान्ति आवश्यक · अम्बा / पार्वतीकार्यात्मक पाप · भाव 4 · नीच · वृश्चिकचन्द्र भाव 4, नीच · स्वामी 12 · कार्यात्मक पाप (BPHS ३४) · शान्ति: मन्त्र-होम-दानधान्य तण्डुल (चावल) · वस्त्र श्वेत वस्त्र · सोमवार
शास्त्रीय
  • देवता-पूजन: अम्बा / पार्वती (फलदीपिका २.२७)
  • धान्य-दान: तण्डुल (चावल) (फलदीपिका २.२८)
  • वार: सोमवार (मानसागरी दान-पद्धति; सूत्र नहीं)
  • धातु/वस्त्र: कांस्य · श्वेत वस्त्र (फलदीपिका २.३०)
  • वैदिक जप ~11000 (BPHS ८४ मुद्रित संख्या; ॐ सोमाय नमः नाम १०८ पद्धति है)
  • होम + ब्राह्मण-भोजन (BPHS ग्रहशान्ति)
सरल उपाय (मानसागरी / उत्तर-भारतीय दान-सेवा पद्धति (BPHS सूत्र नहीं))
  • सोमवार क्षीर, श्वेत चावल, शक्कर दान
  • माता / स्त्री-वृद्ध की सेवा
  • श्वेत वस्त्र या कांस्य-पात्र दान
  • नाम-जप १०८: ॐ सोमाय नमः (पद्धति)
बुधशान्ति आवश्यक · विष्णुकार्यात्मक पाप · भाव 12 · अरि · कर्कबुध भाव 12, अरि · स्वामी 2/11 · कार्यात्मक पाप (BPHS ३४) · चल रही दशा · शान्ति: मन्त्र-होम-दानधान्य मुद्ग (मूंग) · वस्त्र हरित वस्त्र · बुधवार
शास्त्रीय
  • देवता-पूजन: विष्णु (फलदीपिका २.२७)
  • धान्य-दान: मुद्ग (मूंग) (फलदीपिका २.२८)
  • वार: बुधवार (मानसागरी दान-पद्धति; सूत्र नहीं)
  • धातु/वस्त्र: त्रपु (सीसा) · हरित वस्त्र (फलदीपिका २.३०)
  • वैदिक जप ~9000 (BPHS ८४ मुद्रित संख्या; ॐ बुधाय नमः नाम १०८ पद्धति है)
  • होम + ब्राह्मण-भोजन (BPHS ग्रहशान्ति)
सरल उपाय (मानसागरी / उत्तर-भारतीय दान-सेवा पद्धति (BPHS सूत्र नहीं))
  • बुधवार मूंग / हरित वस्त्र दान
  • विद्यार्थी सहायता, सत्य-वचन
  • तुलसी / विष्णु-सेवा
  • नाम-जप १०८: ॐ बुधाय नमः (पद्धति)
शुक्रशान्ति आवश्यक · कमला / लक्ष्मीकार्यात्मक पाप · भाव 2 · नीच · कन्याशुक्र भाव 2, नीच · स्वामी 3/10 · कार्यात्मक पाप (BPHS ३४) · शान्ति: मन्त्र-होम-दानधान्य निष्पाव (सेम/लोबिया) · वस्त्र श्वेत वस्त्र · शुक्रवार
शास्त्रीय
  • देवता-पूजन: कमला / लक्ष्मी (फलदीपिका २.२७)
  • धान्य-दान: निष्पाव (सेम/लोबिया) (फलदीपिका २.२८)
  • वार: शुक्रवार (मानसागरी दान-पद्धति; सूत्र नहीं)
  • धातु/वस्त्र: रौप्य · श्वेत वस्त्र (फलदीपिका २.३०)
  • वैदिक जप ~16000 (BPHS ८४ मुद्रित संख्या; ॐ शुक्राय नमः नाम १०८ पद्धति है)
  • होम + ब्राह्मण-भोजन (BPHS ग्रहशान्ति)
सरल उपाय (मानसागरी / उत्तर-भारतीय दान-सेवा पद्धति (BPHS सूत्र नहीं))
  • शुक्रवार श्वेत वस्त्र, इक्षु, दही दान
  • कला / स्त्री-सम्मान — भोग नहीं, शिष्टता
  • गौरी / लक्ष्मी स्मरण
  • नाम-जप १०८: ॐ शुक्राय नमः (पद्धति)
शनिशान्ति आवश्यक · काल / यमकार्यात्मक पाप · भाव 8 · सम · मीनशनि भाव 8, सम · स्वामी 6/7 · कार्यात्मक पाप (BPHS ३४) · शान्ति: मन्त्र-होम-दानधान्य तिल · वस्त्र जीर्ण / कृष्ण वस्त्र · शनिवार
शास्त्रीय
  • देवता-पूजन: काल / यम (फलदीपिका २.२७)
  • धान्य-दान: तिल (फलदीपिका २.२८)
  • वार: शनिवार (मानसागरी दान-पद्धति; सूत्र नहीं)
  • धातु/वस्त्र: अयस (लोह) · जीर्ण / कृष्ण वस्त्र (फलदीपिका २.३०)
  • वैदिक जप ~23000 (BPHS ८४ मुद्रित संख्या; ॐ शनैश्चराय नमः नाम १०८ पद्धति है)
  • होम + ब्राह्मण-भोजन (BPHS ग्रहशान्ति)
सरल उपाय (मानसागरी / उत्तर-भारतीय दान-सेवा पद्धति (BPHS सूत्र नहीं))
  • शनिवार तिल, तेल, लोह या जीर्ण वस्त्र दान
  • श्रमिक / वृद्ध / विकलांग की सेवा
  • कुत्ते को ग्रास — दिखावा नहीं
  • नाम-जप १०८: ॐ शनैश्चराय नमः (पद्धति)

वैकल्पिक शान्ति

वैकल्पिक शान्ति नहीं।

पुष्टि / सेवा (शान्ति नहीं)

मंगलपुष्टि / सेवा · गुह / कार्त्तिकेययोगकारक · भाव 11 · अरि · मिथुनमंगल भाव 11, अरि · स्वामी 4/9 · योगकारक — शान्ति नहीं, पुष्टि · दुर्बल शुभ — सेवा/रत्न-खण्ड, शान्ति नहींधान्य अढक (अरहर) · वस्त्र अग्निदग्ध / रक्त वस्त्र · मंगलवार
शास्त्रीय
  • देवता-पूजन: गुह / कार्त्तिकेय (फलदीपिका २.२७)
  • धान्य-दान: अढक (अरहर) (फलदीपिका २.२८)
  • वार: मंगलवार (मानसागरी दान-पद्धति; सूत्र नहीं)
  • धातु/वस्त्र: ताम्र-धातु · अग्निदग्ध / रक्त वस्त्र (फलदीपिका २.३०)
  • वैदिक जप ~10000 (BPHS ८४ मुद्रित संख्या; ॐ अङ्गारकाय नमः नाम १०८ पद्धति है)
  • होम + ब्राह्मण-भोजन (BPHS ग्रहशान्ति)
  • रत्न-निर्णय खण्ड देखें — योगकारक/लग्नेश को शान्त नहीं करते।
सरल उपाय (मानसागरी / उत्तर-भारतीय दान-सेवा पद्धति (BPHS सूत्र नहीं))
  • मंगलवार अरहर / मसूर / गुड़ दान
  • भूमि-सेवा, रक्त-वस्त्र दान (अग्निदग्ध वस्त्र — फलदीपिका २.३०)
  • हनुमान / कार्त्तिकेय स्मरण — क्रोध नहीं, साहस
  • नाम-जप १०८: ॐ अङ्गारकाय नमः (पद्धति)
बृहस्पतिपुष्टि / सेवा · धाता / ब्रह्मकार्यात्मक शुभ · भाव 12 · उच्च · कर्कबृहस्पति भाव 12, उच्च · स्वामी 5/8 · दुर्बल शुभ — सेवा/रत्न-खण्ड, शान्ति नहींधान्य चणक (चना) · वस्त्र पीत वस्त्र · गुरुवार
शास्त्रीय
  • देवता-पूजन: धाता / ब्रह्म (फलदीपिका २.२७)
  • धान्य-दान: चणक (चना) (फलदीपिका २.२८)
  • वार: गुरुवार (मानसागरी दान-पद्धति; सूत्र नहीं)
  • धातु/वस्त्र: स्वर्ण · पीत वस्त्र (फलदीपिका २.३०)
  • वैदिक जप ~19000 (BPHS ८४ मुद्रित संख्या; ॐ बृहस्पतये नमः नाम १०८ पद्धति है)
  • होम + ब्राह्मण-भोजन (BPHS ग्रहशान्ति)
  • रत्न-निर्णय खण्ड देखें — योगकारक/लग्नेश को शान्त नहीं करते।
सरल उपाय (मानसागरी / उत्तर-भारतीय दान-सेवा पद्धति (BPHS सूत्र नहीं))
  • गुरुवार चना, पीत वस्त्र, हल्दी दान
  • गुरु-सेवा; गो-ग्रास
  • विद्या / ब्राह्मण-भोजन यथाशक्ति
  • नाम-जप १०८: ॐ बृहस्पतये नमः (पद्धति)

नवग्रह सार

ग्रहआवश्यकताभूमिकादेवताधान्य
सूर्यआवश्यक नहींकार्यात्मक शुभ / भाव 1रुद्र / शिवगोधूम (गेहूँ)
चन्द्रशान्ति आवश्यककार्यात्मक पाप / भाव 4अम्बा / पार्वतीतण्डुल (चावल)
मंगलपुष्टि / सेवायोगकारक / भाव 11गुह / कार्त्तिकेयअढक (अरहर)
बुधशान्ति आवश्यककार्यात्मक पाप / भाव 12विष्णुमुद्ग (मूंग)
बृहस्पतिपुष्टि / सेवाकार्यात्मक शुभ / भाव 12धाता / ब्रह्मचणक (चना)
शुक्रशान्ति आवश्यककार्यात्मक पाप / भाव 2कमला / लक्ष्मीनिष्पाव (सेम/लोबिया)
शनिशान्ति आवश्यककार्यात्मक पाप / भाव 8काल / यमतिल
राहुआवश्यक नहींछाया-ग्रह / भाव 7अहि / शेषमाष (उड़द)
केतुआवश्यक नहींछाया-ग्रह / भाव 1अज / ब्रह्मकुलुत्थ (कुल्थी)

शास्त्र — बृहत्पाराशर · फलदीपिका · सारावली · मानसागरी

केन्द्राधिपतयः सौम्या ना दिशन्ति शुभं फलम् । क्रूरा नैवाऽशुभं कुर्युः शुभदाश्च त्रिकोणपाः ॥
Benefics owning kendras are not purely benefic. Malefics owning kendras are not purely malefic. Trikoṇa lords give good fruit. Śānti is for a functional pāpa, not for a yogakāraka.
BPHS Yogakāraka 34.2 (siva.sh numbering)
क्षीणेन्द्वर्ककुजाहिकेतुरविजाः पापाः सपापश्च वित् क्लीवाः केतुबुधार्कजाः शशितमःशुक्राः स्त्रियोऽन्ये नराः । रुद्राम्बागुहविष्णुधातृकमलाकालाह्यजा देवताः सूर्यादग्निजलाग्निभूमिखपयोवाय्वात्मकाः स्युर्ग्रहाः ॥
Waning Moon, Sun, Mars, Rāhu, Ketu, Saturn are pāpa; Mercury with them is too. Presiding deities from the Sun: Rudra, Ambā, Guha, Viṣṇu, Dhātṛ, Kamalā, Kāla, Ahi, Aja. Worship that deity — not a generic charm.
Phaladeepika 2.27 (graha-bheda; siva.sh)
गोधूमं तण्डुलं वै तिलचणककुलुत्थाढकश्याममुद्गा निष्पावा माष अर्केन्द्वसितगुरुशिखिक्रूरविद्भृग्वहीनाम् ।
Grains: Sun wheat, Moon rice, Saturn sesame, Jupiter Bengal gram, Ketu horse-gram, Mars toor/arhar, Mercury green gram, Venus cow-gram, Rāhu black gram. Dāna uses this map.
Phaladeepika 2.28 (first half; siva.sh)
ताम्रं कांस्यं धातुताम्रं त्रपु स्यात् स्वर्णं रौप्यं चायसं भास्करादेः । वस्त्रं तत्तद्वर्णयुक्तं विशेषाज्जीर्णं मन्दस्याग्निदगधं कुजस्य ॥
Metals from the Sun: copper, bell-metal, copper-ore, lead, gold, silver, iron. Cloth of the graha’s colour; Saturn a rag; Mars a fire-singed cloth.
Phaladeepika 2.30
BPHS Graha-śānti (often ch. 84) pacifies a malevolent graha by image-worship, Vedic japa (printed counts: Sun 7000, Moon 11000, Mars ~10000, Mercury 9000, Jupiter 19000, Venus 16000, Saturn 23000, Rāhu 18000, Ketu 17000), homa, food, and dāna. Nama-mantra 108 is later shortening, not the chapter’s Vedic sūkta.
BPHS Graha-śānti (often ch. 84; English paraphrase of the printed rite)
Sārāvalī Graha-guṇa / Graha-yoni (often ch. 4) repeats colour, element, and occupation of each graha. This engine uses it as a cross-check of Phaladeepika 2: dāna and seva follow the graha’s own nature, not an invented list.
Sārāvalī Graha-guṇādhyāya (English paraphrase; edition numbers vary)
Mānasāgarī, already cited for Kuja houses, prints weekday dāna and seva for a troubled graha. Those acts are paddhati, not a BPHS sūtra. This khaṇḍa marks them ‘सरल उपाय’.
Mānasāgarī printed shānti/dāna paddhati (not a BPHS sūtra)

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